अंकिता पाल पत्रकारिता जनसंचार विभाग (कानपुर विश्वविद्यालय )
मायावती: बसपा एस सी -एस टी आंदोलन के साथ है (भारत बंद)।
कानपुर........................
एस सी /एस टी को सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट में बदलाव किए जिससे 2 अप्रैल दिन सोमवार को पूरा भारत बंद इतिहास में पहली बार भारत बंद रहा उसका कारण जाति जनजाति, अनुसूचित के अत्याचार निवारण 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पूर्व सरह और सुप्रीम कोर्ट ने रिवी पिटिशन करके कोर्ट में अपने फैसले सुनने कि अपील की 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल गिरफ्तारी को ना मंजूर किया जिसमें सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी अथॉरिटी पुलिस की इजाज़त से होती है और "सरकारी कर्मचारी नहीं है तो गिरफ्तारी बिना किसी गवाह सबूत" के हो जाती यही परन्तु अब सरकार ने यही बदलाव किए है जिसमें गिरफ्तारी (एस एस पी )की इजाजत से हो जाती है ।इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना, दलितों और पिछड़े वर्ग के लोगों को आक्रोश से भर सकता है। परन्तु ऐसे में उनके लिए आरक्षण का प्रावधान करने के बजाए, उन्हें अन्य वर्ग के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के काबिल बनाने के बीच के फर्क को समझना और समझाना अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। यही सोच का फर्क है जो हमें आध्यात्मिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि बौद्धिक स्तर पर भी निखारता है और इन विषयों में उलझने के बजाए, इनसे लड़कर आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करता है। आज के हादसे में 11 लोगो ने अपनी जान गंवा दीजिसमें 11 लोगों की मौत हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं। आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, झारखंड व महाराष्ट्र रहे। बिहार के हाजीपुर और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आंदोलनकारियों ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया जिसके चलते उसमें एक नवजात और एक मरीज ने दम तोड़ दिया। । फिर भी मायावती ने कहा कि "मै इस आंदोलन में अनुसूचित जातियों के साथ हूं और साथ ही कहा कि मैं हिंसा को बढ़ावा नहीं दे रही बल्कि लोगों की मदद करना चाहती हूं " यह कहा से सही कहा उन्होंने एस सी एस टी को बहुत छूट मिल गई पर अब और नहीं।

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