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बगहा नागरिकों के द्वारा भारत बंद सफल करने हेतु सद्भावना मार्च निकाला गया

बगहा:- बगहा नागरिकों के द्वारा भारत  बंद सफल करने हेतु सद्भावना मार्च निकाला गया । बगहा संवाददाता दिवाकर कुमार बगहा(06सितम्बर2018)बगहा शहर में एसटी/एससी  एक्ट अध्याधेश के विरोध में  बगहा नागरिकों के द्वारा भारत  बंद सफल करने हेतु सद्भावना मार्च अनुमंडल द्वार से स्टेट बैंक बगहा 2 चौराहे तक निकाला गया जिसमें  व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का सहयोग सराहनीय रहा इसमें आशीष मिश्र  उर्फ राशन बाबा बहुत-बहुत अभिषेक कुमार रामानंद मिश्रा राजेश पाठक आनंद कुमार पंकज पांडे शिवम रवि कुंदन चौधरी का सहयोग रहा इस बंद को संबोधित करते हुए बड़ा निवासी मुन्ना राम ने कहा इस अध्यादेश से समाज सौहार्द बिगड़ेगा

एससी एसटी एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज उतरा सड़कों पर। पूरे भारत मे जगह जगह हुए विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने रेल रोककर, पुतला दहन कर व जुलूस निकाल कर किया विरोध।

एससी एसटी एक्ट के विरोध में स्वर्ण समाज उतरा सड़कों पर। पूरे भारत मे जगह जगह हुए विरोध प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने रेल रोककर, पुतला दहन कर व जुलूस निकाल कर किया विरोध। रिपोर्ट:- जितेन्दर पांचाल / गंगाराम पांचाल देश के अलग-अलग राज्यों में सवर्ण संगठनों के भारत बंद का व्यापक असर दिखा। बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों में जमकर प्रदर्शन किया गया जबकि बिहार में कई जगह आगजनी  की गई। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। कई जगहों पर ट्रेन को भी रोकने की कोशिश हुई। हालांकि कई राज्यों में प्रशासन ने पहले से ही धारा 144 लागू कर रखी थी। कई स्थानों में सवर्ण समाज ने बाल मुड़वाकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। महाराष्ट्र के ठाणे में भी सवर्ण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए एससी-एसटी एक्ट में संशोधन कर मूल स्वरूप में बहाल करने पर पूरे देश में कई सवर्ण संगठनों ने भारत बंद बुलाया था। सवर्ण समाज को केंद्र सरकार के इस फैस...

आरक्षण संघर्ष समन्वय समित की बैठक संपन्न।

नरकटियागंज :- आरक्षण संघर्ष समन्वय समित की बैठक संपन्न। संवाददाता चंदन गोयल नरकटियागंज:-नरकटियागंज नगर अवस्थित पाण्डेय टोला के राम जानकी मंदिर के समीप आरक्षण संघर्ष समन्वय समित की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रो० भागवत उपाध्याय तथा संचालन विजय उपाध्याय ने की. समिति के चम्पारण प्रभारी अधिवक्ता दीपक मणि तिवारी ने बैठक के दौरान बताया कि आजादी के 72 वर्षों सालों में सभी सरकारें दलितों के बुनियादी सुविधायें मुहैया कराने में नाकाम रही हैं. अपनी नाकामी छुपाने के लिये संसोधन विधेयक 2018 में लाकर दलित तुष्टीकरण की राजनिति कर रही है. अस्सी प्रतिशत गैर दलितों के विरुद्ध इस कानून को पास कराने वाले सभी दलों के गैर दलित सांसदों का विरोध आवश्यक है. उन्हें अपने क्षेत्र में हम घुसने नहीं देंगे. अपने निजी स्वार्थों के लिये जनप्रतिनिधियों ने दलितों को मोहरा बनाया. कार्यक्रम को अखिल भारतीयब्राह्मण महासभा का भी समर्थन प्राप्त हुआ है, वहीँ संयोजक संजय उपाध्याय कार्यक्रम के आयोजक रहें है. वहीँ बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुये दीपक मणि तिवारी ने बताया कि दलित की भलाई नहीं बल्कि आम लोगों में ब...

अगर मैं योग्य हूं तो मुझे कोई नहीं रोक सकता हैं: अम्बेडकर।

आकांक्षा मिश्रा  पत्रकारिता विभाग एवं जनसंचार विभाग, कानपुर यूनिवर्सिटी अगर मैं योग्य हूं तो मुझे कोई नहीं रोक सकता हैं: अम्बेडकर। देश की सबसे बड़ी त्रासदी है आरक्षण! अयोग्य व्यक्ति जब ऊँचे पदो पर पहुँच जाते है तो ना समाज का भला होता है और ना ही देश का ! और सही बात तो यह है कि आरक्षण जैसी  चीजें मूल जरूरतमंदों के पास तक तो पहुँच ही नही पाती ! बस कुछ मलाई खाने वाले लोग इसका फायदा उठाते है ! आरक्षण जैसी चीजें चाहे वो गरीबी उन्मूलन हो या सरकारी राशन कि दुकानें ! सब जेब भरने का धंधा है और कुछ नही ! 1950 में संविधान लिखा गया और आज तक आरक्षण लागू है ! बाबा साहब अंबेडकर ने भी इसे कुछ समय के लिए लागू किया था ! अंबेडकर एक बुद्धिमान व्यक्ति थे !वो जानते थे कि ये आरक्षण बाद में नासूर बन सकता है इसलिए उन्होंने इसे कुछ वर्षो के लिए लागू किया था जिससे कुछ पिछड़े हुए लोग समान धारा में आ सके ! अंबेडकर ने ही इसे संविधान में हमेशा के लिए लागू क्यू नही किया? इसका जवाब तो हर किसी के पास अलग अलग होगा परन्तु सत्य यह है कि जिस तरह से शराबी को शराब कि लत लग जाती है इसी तरह आरक्षण भोगियों ...

*दबंगों ने मजदूर की बेटियों का जीना किया हराम, शिकायत के बाद भी पुलिस ने नहीं कर रही कार्रवाई* *----------------------------*

रिपोर्ट-जफर सिद्दीकी पत्रकारिता एव जनसंचार विभाग कानपुर विश्वविद्याल *दबंगों ने मजदूर की बेटियों का जीना किया हराम, शिकायत के बाद भी पुलिस ने नहीं कर रही कार्रवाई*         *----------------------------* *कानपुर। तेरे पास खेत नहीं, मजदूरी के दम पर अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहा है। साथ में खूबसूरत बेटियों से काम करवा कर उन्हें बदसूरत बना रहा है। हर दिन एक -एक बेटी को हमारे घर भेज। बदले में खेत, धन और दौलत से तुझे मालामाल कर* *देंगे। बावजूद अगर तूने हमारी बात नहीं मानी तो हम तुझे गोली* *मार देंगे और बेटियों को अपने घर में रखेंगे। यह बात बिधनू* *थानाक्षेत्र के चौराई गांव निवासी दलित ने कही। जिसकी तीन* *बेटियों पर गांव के ही दबंग रामू और श्यामू की नजर है और वह आएदिन उन्हें छेड़ते रहते हैं।दबंगों के चलते बेटियों ने घर से निकलना बंद कर दिया है और जल्द ही अपने पिता के साथ गांव छोड़ने की तैयारी कर रही हैं।* *दबंगों ने कह दी गंदी बात* *बिधनू थाना क्षेत्र स्थित चौराई* *गांव में निवासी एक दलित अपनी दिग्यांग पत्नी और तीन बेटियों (काल्पनिक नाम) तीन बेटिया अन्नू (1...

मायावती: बसपा एस सी -एस टी आंदोलन के साथ है (भारत बंद)।

अंकिता पाल पत्रकारिता जनसंचार विभाग (कानपुर विश्वविद्यालय ) मायावती: बसपा एस सी -एस टी आंदोलन के साथ है (भारत बंद)।           कानपुर........................                                            एस सी /एस टी को सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट में बदलाव किए जिससे 2 अप्रैल दिन सोमवार को पूरा भारत बंद इतिहास में पहली बार भारत बंद रहा उसका कारण जाति जनजाति, अनुसूचित के अत्याचार निवारण 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पूर्व सरह और सुप्रीम कोर्ट ने रिवी पिटिशन करके कोर्ट में अपने फैसले सुनने कि अपील की 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल गिरफ्तारी को ना मंजूर किया जिसमें सरकारी कर्मचारी की गिरफ्तारी अथॉरिटी पुलिस की इजाज़त से होती है और "सरकारी कर्मचारी नहीं है तो गिरफ्तारी बिना किसी गवाह  सबूत" के हो जाती यही परन्तु अब सरकार ने यही बदलाव किए है जिसमें गिरफ्तारी (एस एस पी )की इजाजत से हो जाती है ।इस मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करना, दलितों और ...