बिना डिग्री वाले झोला छाप डॉक्टर।
अंकिता पाल (कानपुर विश्विद्यालय)
रविवार को डॉक्टर डे काफी जोरो से बनाया गया डॉक्टर को हमारा भगवान कहा गया है जो हमको जिंदगी देते है पर सभी डॉक्टर एक जैसे नही होते मैन भी कई डॉक्टरों व उनके मरीजो को देखा है एमरजेंसी मे आये मरीजों का एमरजेंसी चार्ज लेते है ताकि ऊपरी कमाई हो सके उसमें से कोई गरीब एमरजेंसी के लिए आता है तो उसको नॉर्मल मरीजो मे गिना जाता है बेचारा कहा से फीस भरे जिसके पास एक समय खाने को कुछ नही है और तो और चाहे छोटे हो या बड़े डॉक्टर मरीजो की लाइन यू लगती है मानो मंदिर मे दर्शन को आये हुए है कितनी लाइन में कई मरीजो कि बीमारी से मौत हो जाती है आज कल तो फेक डॉक्टर ज्यादा हो गए है जगह जगह क्लिनिक खोल कर बैठे है और गरीबो को सस्ते मे इलाज़ कर देते है जिससे नकली व गलत दवाओं से नई बीमारियों का आना व रिएक्शन हो जाता है क्लिनिक के फेक डॉक्टर कभी भी भी टेस्ट करवाने को नही कहते ताकि उनका पैसा बनता रहे ऐसे है हमारे यह के बिना डिग्री वाले डॉक्टर यह छोटे छोटे व झोला छाप डॉक्टर की क्लिनिक बन्द करा देना चाहिए ।। अंकिता पाल (कानपुर विश्व विद्यालय)

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