सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भूख एक लाइलाज बीमारी

भूख एक लाइलाज बीमारी

 

 (हेमेन्द्र क्षीरसागर लेखक,पत्रकार व विचारक) विचारणीय कोई खां-खां के मरता है तो भूख रहकर यह दंतकथा प्रचलित होने के साथ फलीभूत भी है। ये दोनों ही हालात में भूख को लाइलाज बीमारी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड रहे है। लिहाजा, भूख और कुपोषण एक सिक्के के दो पहलु हैं जहां तक कुपोषण की बात करे तो कुपोषण एक बुरा पोषण होता हैं। इसका संबंध आवश्यकता से अधिक हो या कम किवां अनुचित प्रकार का भोजन, जिसका शरीर पर कुप्रभाव पडता हैं। वहीं बच्चों में कुपोषण के बहुत सारे लक्षण होते है, जिनमें से अधिकांश गरीबी, भूखमरी और कमजोर पोषण से संबंधित हैं। ऐसे बच्चे अपनी पढाई निरंतर जारी नहीं रख पाते और गरीबी के दोषपूर्ण चक्र में फंस जाते हेैं। कुपोषण का प्रभाव प्रौढावस्था तक अपनी जडें जमाए रखता हैं। प्राय: देखा गया है कि भारत में कुपोषण लडकों की अपेक्षा लडकियों में अधिक पाया जाता हैं। और अनिवार्यत: इसका कारण है घर पर लडकियों के साथ किया जाने वाला भेदभाव या पक्षपात। निर्धन परिवारों में और कुछ अन्य जातियों में लडकियों का विवाह छोटी आयु में ही कर दिया जाता हैं जिससे १४ या १५ वर्ष की आयु में ही बच्चा पैदा हो जाता हैं। ऐसा बच्चा प्राय: सामान्य से काफी कम भार का होता हैं। जिससे या तो वह मर जाता है अथवा उसका विकास अवरूद्ध हो जाता हैं। इससे भी अधिक खतरा इस बात का होता हैं कि शीघ्र गर्भाधान के कारण लडकी का जीवन संकट में आ जाता हैं। सामान्य रूप से भारत में बच्चों की पोषण संबंधी स्थिति एक चिंता का विषय हैं। यूनेस्को की रिर्पोट में भारत में कुपोषण सब-सहारा अफ्रीका की तुलना में अधिक पाया था। मुताबिक विश्व के एक तिहाई कुपोषित बच्चे भारत में ही पाए गए। कुपोषण बच्चे के विकास तथा सीखने की क्षमता को अवरूद्ध कर देता हैं। इससे बच्चों की मृत्यु भी हो सकती हैं। अमुमन जिन बच्चों की बचपन में मृत्यु हो जाती है उनमें ५० फीसद बच्चे कुपोषण के कारण मरते हैं। भारत में तीन वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों में से ४६ प्रतिशत अपनी आयु की दृष्टि से बहुत छोटे लगते हैंए लगभग ४७ प्रतिशत बच्चे कम भार के होते हैं और लगभग १६ प्रतिशत की मृत्यु हो जाती हैं। इनमें बहुत सारे बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित होते हैं। कुपोषण की व्यापकता राज्यों में अलग-अलग हैं। दरअसलए हमारे देश में पोषण एक मात्र पेट भरने का तरीका है चाहे वह किसी भी तरह से क्यों ना हो भूख मिटना चाहिएए उसके लिए कुछ भी खाना क्यों ना पडे पोषक तत्वों की फ्रिक किसे हैं। हो भी क्यों क्योंकि भूख की तृष्णा शांत करने के लिए इंसान कुछ भी करने को आमदा हो जाता हैं। आखिर! भूख दुनिया की सबसे बडी लाइलाज बिमारी जो बनते जा रही हैं। इसी जद्दोजहाद में भिक्षावृत्ति, वेष्यावृत्ति, बाल मजदूरी और चोरी करना आम बात हो गई हैं। इसमें बची कुची कसर भूखमरी, अशिक्षा, बेरोजगारी, रूढिवादिता और असम्यक प्राकृतिक आपदाऐ पूरी कर देती हैं। बदतरए सवाल यह उत्पन्न होता हैं कि आम इंसान दो वक्त की रोटी कहां से जुगाड करें। किविदंती सरकारों, हुक्मरानों या भगवान भरोसे रहे किवां खाली पेट रहकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दे यह कोई समस्या का सर्वमान्य निदान नहीं हैं। हमें समाधान में समस्या नहीं, समस्या में समाधान खोजना होगा। वह समाधान मिलेगा कृषि और स्वरोजगार के संवहनीय आजीविका के साधनों में। जरूरत हैं तो खेती में सम्यक् आमूलचूल परिवर्तन तथा निचले स्तर तक रोजगार के संसाधन विकसित करने की। वह आएगा, जल-जंगल-जमीन-पशुधन के संरक्षण और संर्वधन से। अभिष्ठ खेती और पंरपरागत व्यवसायों में कौशल विकास का अभिवर्द्धन ऐसा साधन हैं जो सभी को भूख से बचा सकती हैं। वस्तुत: जरूरत है तो हाथों में काम दिलाने की पहल में सभी संगठन, प्रशासनिक तंत्र, जनप्रतिनिधी और वह व्यक्ति जिन्हें बच्चों के कल्याण की चिंता है मिलकर कार्य करें। इसमें राष्ट्रीय तथा राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, विद्यालय तथा परिवार सभी सम्मिलित होने चाहिए। तब कहीं जाकर भूख की लाइलाज बीमारी जडमूलन होगी। हेमेन्द्र क्षीरसागर लेखक, पत्रकार व विचारक

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

विकास के नाम पर जनता के साथ हुआ धोखा।

विकास के नाम पर जनता के साथ हुआ धोखा। उन्नाव: जनपद उन्नाव के ब्लॉक सिकन्दरपुर कर्ण के गांव सिरसी में विकास का पहिया मानो थम से गया हो। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 2 वर्ष पूर्व एक तालाब का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। लेकिन अभी तक काम पूरा न हो सका।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तालाब में न ही तो पानी आने का कोई सुद्ध साधन उपलब्ध है।और न ही तालाब में पानी आने का। *तालाब की समस्या को लेकर ग्राम वासियों में रोष*: बैदरा ग्राम सभा के गांव सिरसी में तालाब की समस्या को लेकर ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामवासियों ने कई बार ग्राम सभा बैदरा के ग्राम प्रधान से शिकायत की लेकिन अभी तक कोई काम सफल नहीं हुआ। *सिर्फ कागजों पर पूरा हुआ निर्माण कार्य।* सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम सिरसी में बने तालाब का निर्माण कार्य सम्बधित ठेकेदार और अन्य अधिकारियों व नेताओं की महिमा से सिर्फ कागजों पर हुआ है। तालाब में  निर्माण कार्य सम्बधित लोगो ने सिर्फ आपनी ही जेब गर्म की । *सरकार को लगाया चुना*   सूत्रों...

आयो रे आयो म्हारो पिया घर आयो से मीनल सक्सेना ने धूम मचा दी

गंगा महोत्सव दूसरा दिन  आयो रे आयो म्हारो पिया घर आयो से मीनल सक्सेना ने धूम मचा दी         कानपुर से मधुकर मोघे की रिपोर्ट सूर्या न्यूज के लिए  कानपुर।बिठूर महोत्सव के दूसरे दिन  विद्यालय से आए नन्हें कानपुर नगर के 15 स्कूलों के 299 छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गई जिसमें कानपुर कन्या महाविद्यालय छात्राओं द्वारा डांडिया नृत्य की प्रस्तुति श्री कैलाश नाथ बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा अनेकता में एकता विशेषता हमारी है भारत एकता के लिए पहचाना जाता है ऐसा संदेश छात्राओं द्वारा नृत्य नाटिका के माध्यम से मंच से दिया गया एसएन सेन बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा राजस्थानी गीत व एसएन सेन ग्रुप डी की छात्राओं द्वारा भागीरथी गंगा के स्वरूप पर मंचन किया गया गंगा को अविरल एवं निर्मल रखने की शपथ ली गई ग्रुप सी द्वारा छात्राओं ने गांव में विदा होकर आई नई नवेली दुल्हन के आगमन पर बधाई लोकगीत गाकर दर्शकों का मन मोह लिया ज्वाला देवी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्रों द्वारा देवी सुरेश्वरी भगवती गंगे गंगा तेरा पानी अमृत झर झर ब...

चौतरवा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न ।

चौतरवा:- चौतरवा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक हुई संपन्न । बगहा संवाददाता दिवाकर कुमार  बगहा/चौतरवा(09अगस्त2018) :-  बगहा एक प्रखण्ड क्षेत्र के चौतरवा थाना परिसर मे शांति समिति की एक बैठक संपन्न की गयी । बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी बगहा एक के उदयशंकर मिश्र ने की । आगामी 15 अगस्त को महावीरी झंडा जूलुस मेला हरदी- नदवा पंचायत के नदवा गांव स्थित जमुई पोखरा पर शांतिपूर्ण माहौल मे संपन्न कराने को लेकर गुरुवार को सम्पन्न की गई । तथा संचालन पुलिस- इन्पेक्टर बगहा रामबाबु कापर ने की । बैठक को संबोधित करते हुए थानाध्यक्ष राजू कुमार व प्रखंड विकास पदाधिकारी बगहा एक शशिभूषण सुमन ने संयुक्त रुप से आपसी मेल मिलाप व भाईचारे के साथ ही विघ्न व बॉधा नही उत्पन्न करने की अपील पंचायत के लोगो से की गयी। श्री सुमन ने कहा कि महावीरी झंडा जूलुस मेला मे लाउडस्पीकर पर भक्ति गाना ही बजनी चाहीए तथा परंपरागत रुप से ही जूलुस मे ही लोग शामिल रहेगे। तथा किसी भी प्रकार की शोर-शराबा नही होगी । साथ ही असमाजिक तत्वो पर कडी नजर रखने की हिदायत लोगो से की ।इस अवसर पर सब- इन्पेक्टर मो० कलिम, बीके सिंह, स...