श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूम धाम से मनाई गई
उन्नाव/हसनगंज- आज जगह जगह जन्माष्टमी का पर्व बहुत ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया गांवो में जहां बच्चों ने सुंदर झाकियां निकाली तो युवाओं ने मटकी फोड़ने का आयोजन किया क्योंकि यह पर्व है ही नटखट नन्द गोपाल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का जिसको सभी जगह बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जो रक्षाबंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।
श्रीकृष्ण देवकी और वासुदेव के 8वें पुत्र थे। मथुरा नगरी का राजा कंस था, जो कि बहुत अत्याचारी था। उसके अत्याचार दिन-प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे थे। एक समय आकाशवाणी हुई कि उसकी बहन देवकी का 8वां पुत्र उसका वध करेगा। यह सुनकर कंस ने अपनी बहन देवकी को उसके पति वासुदेवसहित काल-कोठारी में डाल दिया। कंस ने देवकी के कृष्ण से पहले के 7 बच्चों को मार डाला। जब देवकी ने श्रीकृष्ण को जन्म दिया, तब भगवान विष्णु ने वासुदेव को आदेश दिया कि वे श्रीकृष्ण को गोकुल में यशोदा माता और नंद बाबा के पास पहुंचा आएं, जहां वह अपने मामा कंस से सुरक्षित रह सकेगा। श्रीकृष्ण का पालन-पोषण यशोदा माता और नंद बाबा की देखरेख में हुआ। बस, उनके जन्म की खुशी में तभी से प्रतिवर्ष जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। श्रीकृष्ण का जन्म जेल में हुआ था इसलिए यह पर्व पुलिस महकमे के लिए कुछ ज्यादा ही खास होता है। इसी वजह से सभी थानों में इस पर्व को बहुत ही श्रद्धा भक्ति के साथ मनाते हैं । जिसकी झलक हाइवे के किनारे स्थित थानों में देखने को मिली अजगैन कोतवाली में थानाध्यक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में जन्माष्टमी का पर्व बड़ी धूमधाम मनाया गया तो सोहरामऊ थाने की इंचार्ज डा0 सुनीता चौरसिया ने समस्त पुलिस सहयोगियों के साथ मिलकर थाना परिसर में जन्माष्टमी के अवसर पर विशाल आयोजन किया जिसमें भजन मंडली के द्वारा प्रभु का गुणगान किया गया जिसको सुन लोगों ने आनन्द की अनुभूति की । थानाध्यक्ष ने प्रसाद के साथ ही रात्रि भोजन की व्यवस्था की जिसमे सैकड़ो लोगों ने प्रसाद छका। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रधानगणों के साथ मनोज मिश्रा, कृपाशंकर दीक्षित, कमले श तिवारी, ,पुत्ती सिंह,शैलू सिंह,विकास सिंह, विद्याधर दीक्षित, ज्ञानेंद्र सिंह, शिवपाल लोधी, युवा नेता ब्रजेन्द्र सिंह सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट-मनोज वर्मा

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें