अक्षर ज्ञान परीक्षा का हुआ आयोजन 1004 महिलाओं ने किया प्रतिभाग
भगवानपुर : पढ़ने लिखने की कोई उम्र नहीं होती तारा अक्षर कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया आज हम ऐसे स्कूल की बात कर रहे हैं जिसमें बच्चे नहीं बल्कि माए पढ़ती हैं विकासखंड भगवानपुर के 28 गांव में आज तारा अक्षर कार्यक्रम के द्वारा आयोजित अक्षर ज्ञान परीक्षा में 1004 महिलाओं ने प्रतिभाग किया प्रतिभागी महिलाओं में काफी उत्सुकता देखने को मिली महिलाओं ने बताया कि उनको जीवन में पहली बार परीक्षा देना बहुत अच्छा लग रहा है इस मौके पर वह बहुत खुश हैं l तारा अक्षर+ कंप्यूटर पर आधारित साक्षरता कार्यक्रम है जिसके द्वारा 15 से 50 साल कि निरक्षर महिलाओं को अक्षर ज्ञान एवं सामान्य गणित की जानकारी दी जाती है प्रत्येक गांव में प्रत्येक दिन दो-दो घंटे के तीन बेचो का आयोजन किया जाता है जिसमें 10 - 10 महिलाओं को पढ़ाया जाता है तारा अक्षर कार्यक्रम के द्वारा अब तक ब्लॉक भगवानपुर में 2832 महिलाओं को साक्षर किया जा चुका है आठ शैक्षिक चरणों के माध्यम से विकासखंड भगवानपुर में 2020 तक 7000 महिलाओं को साक्षर किया जाएगा साक्षर होने के पश्चात इन महिलाओं की पढ़ाई का निरंतर अभ्यास करने हेतु ज्ञान चौपाली कार्यक्रम का प्रावधान किया जाता है जो 6 महीने तक चलता है ज्ञान चौपाली कार्यक्रम में महिलाओं को किताबों के माध्यम से अलग-अलग विषय की जानकारी दी जाती है एवं सुपरवाइजर के द्वारा समय-समय पर वीडियो सत्रों का आयोजन किया जाता है और भिन्न - भिन्न विभागों के माध्यम से अतिथि वक्ता सत्रों का आयोजन कराया जाता है जैसे स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास विभाग, बैंकिंग, पुलिस, ग्राम पंचायत विकास विभाग, शिक्षा विभाग, आदि विभागों के कर्मचारियों के माध्यम से महिलाओं को जागरुक किया जाता है ताकि वह सशक्त बन सके ज्ञान चौपाली की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात इन्हीं महिलाओं को आरसेटी एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से योग्यता विकास प्रशिक्षण कराया जाता है ताकि महिलाएं स्वरोजगार कर अपनी आय बढ़ा सकें अब तक भगवानपुर में आर सिटी के माध्यम से 4 योग्यता विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जा चुका है जिसमें तारा अक्षर कार्यक्रम की 104 महिलाओं को योग्यता प्रशिक्षण दिया गया है l ब्लॉक समन्वयक राव आशकार अली ने महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य की कामना की इस मौके पर अलग-अलग गांव मैं प्रशिक्षक रेनू, अंजू, संगीता, रीना, बेबी, कुलसुम, शालू, रोजी, अंजलि, सीखा, सुपरवाइजर तालिब, रविंदर, नरेंद्र, मुईद फैसिलिटेटर विशाल, विपिन, गगन, विनेश वी डी एस के सचिव आर बी सैनी एवं नवसाक्षर महिलाएं उपस्थित रही l
रिपोर्ट--ज़फर सिद्दकी

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