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जीवन=(जीव+वन=जीवन)अर्थात जीव, वन पर ही आश्रित है।वन के बिना जीव की कल्पना असंभव है।

बगहा:-जीवन=(जीव+वन=जीवन)अर्थात जीव, वन पर ही आश्रित है।वन के बिना जीव की कल्पना असंभव है।

           
बगहा संवाददाता दिवाकर कुमार

 बगहा नगर के नैतिक जागरण मंच के सचिव निप्पू कुमार पाठक ने वृक्षारोपण  के दौरान कहा कि भगवान की असीम कृपा व प्रेरणा से  आज आज गंगा दशहरा  एवं निर्जला एकादशी व्रत निर्जला एकादशी  व्रत के नहाए खाए के पुनीत पावन अवसर पर जब लोग पवित्र पावनी गंगा नदी में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं।  जग संवारने वह वृक्षो रक्षति रक्षिता की भावना से  मन में प्रकृति को संवारने के प्रति भाव जाग उठा ।  क्योंकि  जैसा कि शास्त्र बताता है कि एक वृक्ष 10 पुत्र समान हैं। इसी को ध्यान में रखकर आज के शुभ अवसर पर के  वृक्ष  लगाये गये ।  मैं नैतिक जागरण मंच के तरफ से आप सभी से निवेदन करता हूं कि कल दिनांक 24 जून 2018को शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी व्रत है। जिसे करने से बहुत लाभ मिलता है शास्त्रों में निर्जला एकादशी व्रत का अनेकानेक लाभ बताए गए हैं। इसी संदर्भ में आप सभी से निवेदन है कि यदि आप निर्जला एकादशी व्रत कर पाए तो करें। अन्यथा इस अवसर पर वृक्ष लगाकर प्रकृति को सवारने में सहयोग करें ।मैंने तो  मैंने तो  आज वृक्षारोपण किया  और आप भी जरूर करे मौके पर नैतिक जागरण मंच के कार्यकर्ता सहित स्थानीय युवा भी उपस्थित रहे।

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